कृषि आईक्यूः ग्वार और चने की कृषि पद्धतियों का राजस्थान के अति शुष्क आशिंक सिंचित मैदानी क्षेत्र में डिजिटल प्रसार

किसान हेल्पलाइन: +91 8854 94 6532 / +91 941 33 72 313

(राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की परियोजना)

डॉ. विष्णु शर्मा छायाचित्र
डॉ. विष्णु शर्मा
माननीय कुलपति
स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय

संदेश

उत्तम खेती मध्यम बान।
निषिद्ध चाकरी भीख निदान।।
मानव सभ्यता के आगमन के समय से ही कृषि सबसे पुराना व अच्छा व्यवसाय रहा है, तथा आज यह डिजिटल और इन्टरनेट पारिस्थितिक तंत्र की गंगा में प्रवाहित हो रहा है।
कृषि के तीनों पहलुओं मानव संसाधन विकास, अनुसंधान और प्रसार गतिविधियों को सूचना और संचार तकनीकी नेटवर्क के माध्यम से स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है। ‘कृषि आई क्यू ’ इसी दिशा में अग्रणी कदम है।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के द्वारा प्रायोजित ’कृषि आईक्यू’ वेब पोर्टल को www.krishiiq.in एवं एंड्रॉयड एप्प के माध्यम से पहुंचा जा सकता है। कृषि आई क्यू एक ऑनलाइन शिक्षा मंच है। यह किसानों को 24×7 दिन हर जगह मुफ्त में उपलब्ध है, ‘कृषि आई क्यू’ पश्चिमी राजस्थान की दो मुख्य फसलों चना और ग्वार के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध करा रहा है। राजस्थान के अति शुष्क आंशिक सिंचित पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों के किसान वीडियो सामग्री के माध्यम से ग्वार और चने की कृषि पद्धतियों को सीख सकते हैं। इस पोर्टल का उद्देश्य किसानों और वैज्ञानिकों के बीच के अंतर को खत्म करना है।
मैं, इस पोर्टल को किसान समुदाय को समर्पित करते हुए प्रसन्नता व्यक्त करता हूं और किसानों के ज्ञान सशक्तिकरण में डॉ अमिता शर्मा और उनकी टीम को उनके प्रयासों के लिए बधाई देता हूं। मुझे विश्वास है कि यह पोर्टल कृषक समुदाय के लिए मददगार सिद्ध होगा।
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